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गांधी नगर :- भोपाल में 26 नवम्बर से शुरू होगा दुनिया भर के मुस्लिमो का आलमी तब्लीगी इज्तिमा

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GANDHINAGAR/ AMIR KHAN

गांधी नगर:- भोपाल  में 26 नवम्बर से शुरू होगा दुनियाभर के मुस्लिमों का महासमागम 14 लोगों से प्रारंभ हुवे इस आयोजन मे 15 लाख लोग करेंगे शिरकत । पुरे साल चलती है इस आयोजन की तैयारी,प्रशासनfc6e9e5a-dab3-4066-b7f1-a0d4dd4b1ef2 भी रहता है अलर्ट ।
भोपाल का बच्चा बच्चा करता है दिल से मेहमानो की खिदमत ।
अंतिम दीन दुआ के लिये थम जाती है भोपाल की रफ्तार ।
हाजी ईकबाल कुरैशी कुक्षी द्वारा । नवाबों और रियासत के दौर से बड़े ही छोटे स्तर पर शुरू हुआ सम्मेलन (इज्तेमा) ने अब दुनियाभर मे पहचान कायम कर ली है। दुनिया के पांच बड़े इस्लाम धर्म के धार्मिक आयोजनो में से एक माने जाने वाले इस आयोजन (आलमी तब्लीगी इज्तिमा) की शुरुआत पहली बार सन् 1944 में भोपाल के ही 14 लोगों के द्वारा की गई थी उसके बाद यह कारवां साल-दर-साल आगे बढ़ता रहा और दुनिया भर के लोगों की आस्था का केंद्र बन गया। आस्था का आलम ये है कि इस बार 26 नवम्बर से शुरू हो रहे तीन दिनी आयोजन में करीब 15 लाख लोगों के शामील होने की संभावनाए है। भारत देश में यह इज्तेमा सिर्फ भोपाल में ही होता है। इसके अलावा पाकिस्तान के रायविंड और बांग्लादेश के टोंगी में इस तरह का आयोजन किया जाता है।भोपाल का आयोजन दुनिया में सबसे बड़ा और सबसे पुराना है। इस वर्ष होने वाले इज्तिमा के लिए पंडाल लगभग तैयार हो गया है। इज्तिमा की तैयारियों का जायजा लेने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ आलमी तब्लीग़ी इज्तिमा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठापूर्ण धार्मिक आयोजन में किसी प्रकार की कमी नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इज्तिमा का आयोजन भोपाल की शान और परंपरा के अनुरूप होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि आगामी 26, 27 और 28 तारीख को इज्तिमा हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के पूरे इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने  रेलवे प्रशासन की  मदद से रेलवे स्टेशन पर  सहायता केंद्र स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को इज्तिमा स्थल पर लाने के लिए बसों का इंतजाम होना चाहिये और जगह-जगह साइन बोर्ड लगाये जाना चाहिये ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के इज्तिमा स्थल पहुँच सके। मुख्यमंत्री ने इज्तिमा के दौरान चिकित्सकों और दवाइयों की व्यवस्था, रिजर्वेशन काउंटर  की स्थापना और सफाई की विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इज्तिमा स्थल पर अस्थाई पुलिस चौकियाँ सुरक्षा के लिए लगाई गई हैं। पुलिसकर्मियों को दो शिफ्टों में ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। पहली शिफ्ट में 750 जवान होंगे। कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक के प्रबंधन के लिए सभी व्यवस्थाएँ कर ली गई हैं। इस दौरान शहर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। करीब ढाई हजार ट्रैफिक वालंटियर्स की सेवाएँ भी ली जायेंगी। दुआ के दिन विशेष व्यवस्था की जायेगी। रेल्वे स्टेशन, बस-स्टेंड एवं अन्य स्थान पर सहायता केंद्र बनाए जायेंगे। भारी वाहनों को दुआ के दिन प्रतिबंधित किया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पीने के पानी की पाईप लाईन बिछा दी गई है और 34 नलकूप लगाये हैं। करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान देखते हुए पानी के इंतजाम किये गये हैं। पेयजल की 300 टंकियाँ बनाई गई हैं और 9 हजार 500 वजू स्थल बनाये गये हैं। सीवेज निष्कासन के लिये एक किलोमीटर पाईप लाईन बिछाई गई है। लोक निर्माण विभाग ने इज्तिमा स्थल पर पहुँचने वाली सड़कों की मरम्मत कर ली है। पार्किंग स्थल विकसित किया गया है और पुलिया भी बना दी गई है। नगर निगम ने 300 टंकियों और लाईटिंग की विशेष व्यवस्था की है। ऊर्जा विभाग द्वारा दोगुनी क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है ताकि विद्युत प्रदाय में बाधा नहीं आये। पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती ललिता यादव, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक आर.के. शुक्ला, कलेक्टर निशांत वरवडे, नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज , आईजी भोपाल श्री योगेश चौधरी, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और इज्तिमा आयोजन समिति के श्री तारिक अहमद, श्री अतीकर्रहमान, श्री इकबाल हाफिज और मोहम्मद हफीज खान उपस्थित थे। इज्तिमा के लिए जमातों के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। उन्हें शहर की विभिन्न मस्जिदों में ठहराया जा रहा है। प्रशासन व पुलिस ने भी कमान संभाल ली है। रेलवे स्टेशन से लेकर इज्तिमा स्थल तक सभी चौराहों और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पुलिस के आला अधिकारी इज्तिमा स्थल पर सुरक्षा का खाका तैयार कर रहे हैं।आलमी तब्लिगी इज्तिमे का शाब्दिक अर्थ है विश्वस्तरीय धार्मिक सम्मलेन जहा पूरी दुनिया से ईस्लाम के अनुयायी धर्म की शिक्षा हासिल करने और सिखाने के लिए आते हैं। इस दौरान ईस्लामिक विद्वान धर्मगुरूओ (उलेमा )की तकरीरें भी होती है। जिसमें कुरआन में दी गई शिक्षा के मुताबिक जिंदगी गुजारने के बारे मे समझाईश दी जाती है । हिन्दुस्तान के अलावा रूस, फ्रांस, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया,जाम्बिया,दक्षिण अफ्रीका, कीनिया, इराक, सऊदी अरब, इथियोपिया,यमन, सोमालिया, थाईलैंड, तुर्की ,श्रीलंका आदि कई देशो से भी हजारों की तादाद में समाजजन आयोजन में शिरकत करने के लिए भोपाल आते हैं।भोपाल इज्तिमे की शुरुआत मौलाना मिस्कीन मियाँ ने एक मस्जिद से इसकी नींव रखी थी जिसमे उनके साथ 14 लोग जुटे थे । बाद मे भोपाल की ताजुल मस्जिद में इसका आयोजन होने लगा। साल-दर-साल इसमें शिरकत करने वालों की संख्या इतनी बढ़ी कि ताजुल मस्जिद परिसर और उसके आसपास की जमीन भी कम पड़ने लगी तो करीब दस साल पहले इस आयोजन को भोपाल से 15 किमी दूर ग्राम ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा , मोलवीगंज में किया जाने लगा । भोपाल में इस साल इस मुस्लिम महासमागम (आलमी तब्लीगी इज्तिमा) की शुरुआत 26 नवम्बर को सुबह फजर की नमाज के साथ शुरू होगा। वहीं 28 नवंबर को इसका समापन होगा। समापन के अवसर पर करीब 15 लाख लोग एकसाथ रब के आगे हाथ फैलाए रो रो कर अपने गुनाहो की तौबा की दुआए करते है । दुआ का वह मंजर एसा लगता है कि जैसे पुरी कायनात थम सी गई हो जो जहा खड़ा वही खड़ा रह जाता है मानो पुरी भोपाल की रफ्तार थम सी गई हो सिर्फ रोने सिसकने की आवाजो के बिच से सिर्फ आमीन आमीन की आवाज गूंजती रहती है। इस वर्ष भी 26 नवंबर को देश व विदेश से आए धार्मिक विद्वान ( उलेमा) तीन दिन तक तकरीर (प्रवचन) करेंगे। दूसरे दिन को असर की नमाज के बाद शाम 5 बजे सामूहिक निकाह भी होंगे जिनका अभी दारूल कजा में रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं। इस साल भी इज्तिमे में करीब सैकड़ो जोड़ो का निकाह होने की उम्मीद की जा रही है। और अंतिम दिन 28 नवम्बर को दोपहर मे दुआ के साथ ईस भव्य महा समागम का समापन होगा । इस आयोजन हेतु तैयारिया लगभग पुरे साल चलती रहती है । आयोजन हेतु लगभग 50 एकड़ जमीन मे में बैठने,सोने व इबादत गाह हेतु पाण्डाल की जगह और लगभग 160 एकड़ में पार्किंग और खाने के कई विशाल पाण्डाल( फुड जोन)हर दिशा मे बनाये जाते है ।साथ ही चारो दिशाओं से आने वालों के लिए अलग-अलग पार्किंग की सुचारू व्यवस्था की जाती है । नवाबो की नगरी और झीलो के शहर के नाम से पहचना जाने वाला भोपाल शहर का बच्चा बच्चा इस आयोजन को सफल बनाने मे दिल से मेहनत करता है । इस आयोजन मे शिरकत करने वाला हर शख्स भोपाली मेहमान नवाजी और खिदमत से गदगद हो जाता है। शहर से आयोजन स्थल तक जाने के लिये वाहनो का पुरा इंतजाम भोपाल के लोगो द्वारा निःशुल्क कीया जाता है ।