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संत हिरदाराम नगर :- कथा के तीसरे दिन की कथा का मुख्य उद्देश्य भक्तों को भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति के मार्ग की ओर ले जाना है
श्रीमद् भागवत या श्री कृष्ण कथा के तीसरे दिन की कथा का मुख्य उद्देश्य भक्तों को भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति के मार्ग की ओर ले जाना है। कथा के तीसरे दिन ज्ञान, वैराग्य, और भक्ति का रसपान कराया जाता है, जिसके बाद दिन का आनंदमय विश्राम होता है।तीसरे दिन की कथा के प्रमुख प्रसंग और विश्राम का विवरण इस प्रकार है:1. भागवत महात्म्य की पूर्णतातीसरे दिन की कथा में मुख्य रूप से गोकर्ण और धुंधकारी की पावन कथा का समापन होता है। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि कितनी भी बुरी आत्मा या पापी जीव क्यों न हो, भागवत कथा के श्रवण मात्र से उसे मुक्ति (मोक्ष) प्राप्त हो जाती है।

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