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संत हिरदाराम नगर :- मिठी गोबिंदराम पब्लिक स्कूल में ईको-फ्रेंडली गणेश निर्माण गतिविधि का आयोजन ...
" मिट्टी से गढी आस्था, पर्यावरण संरक्षण का संदेश। मिठी गोबिंदराम पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, रचनात्मकता एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से ईको क्लब द्वारा “ईको-फ्रेंडली गणेश निर्माण गतिविधि” का आयोजन किया गया। गतिविधि में कक्षा VI से VIII के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से गणेश प्रतिमाएँ बनाने के लिए प्रेरित करना तथा प्लास्टर ऑफ पेरिस एवं अन्य पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली सामग्रियों के स्थान पर मिट्टी जैसी प्राकृतिक सामग्री के उपयोग के प्रति जागरूक करना था। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल का परिचय देते हुए मिट्टी से सुंदर गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया।गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। हमारी परंपराओं एवं त्योहारों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हुए मनाना ही सच्चे अर्थों में पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्या रेखा केवलानी जी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में रचनात्मकता के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को “परंपरा के साथ पर्यावरण संरक्षण” का संदेश अपनाने के लिए प्रेरित किया।उपप्राचार्य श्रीमती दिव्या कृपलानी जी ने कहा कि विद्यार्थियों को अनुभवात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षा से जोड़ना उनके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। ईको-फ्रेंडली गणेश निर्माण जैसी गतिविधियाँ बच्चों को सीखने के साथ प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का अवसर प्रदान करती हैं।संस्थान के सेक्रेटरी घनश्याम बूलचंदानी जी का अभिमत है कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली अपनाने तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं उमंग के साथ भाग लेते हुए अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को सृजन, संस्कृति और संरक्षण—तीनों को एक साथ जोड़ने का सुंदर अवसर प्रदान किया।ईको क्लब की यह पहल विद्यार्थियों में “मिट्टी से सृजन और प्रकृति से जुड़ाव” की भावना विकसित करने की दिशा में एक सार्थक कदम रही।

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