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संत हिरदाराम नगर :- कर्म का महत्त्व बताते हुए विद्यार्थियों के लिए भागवद गीता पर सत्र
जीवन में कर्म का महत्व सर्वोपरि है; कर्मयोग का पालन करते हुए ही उच्च सफलता को प्राप्त किया जा सकता है। ये उदगार थे संत हिरदाराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में आयोजित विशेष सत्र "भागवद गीता से सीख" की मुख्य वक्ता न्यूयॉर्क से पधारीं शर्मीला सानी के, जिन्होंने अत्यंत ही रोचक तरीके से छात्राओं को उक्त विषय पर विस्तार से समझाया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में अमेरिका से आये सुनील सानी एवं नारी पोहानी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें अतिथियों ने माँ सरस्वती,
भारत माता एवं संत हिरदाराम साहिब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया एवं वंदन किया। अतिथियों का स्वागत तुलसी के पौधे भेंट कर किया गया। शर्मीला सानी ने सर्वप्रथम ध्यान की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें अपने जीवन में धर्म एवं कर्त्तव्य पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने कहा अपने कार्य को सर्वश्रेष्ठ तरीके से करें एवं फल की इच्छा न करें। अच्छे कर्म हमेशा अच्छे परिणाम लाते हैं। धर्म को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से, सही समय एवं सही जगह कारण ही धर्म है। योग के माध्यम से हम अपने आप के सर्वश्रेष्ठ से मिल सकते हैं। उन्होने यह भी कहा कि परिणाम अपने वश में नहीं है, पर कर्म पर अपना अधिकार है।
उन्होंने छात्राओं को जीवन में कर्तव्यनिष्ठ रहने और परिणाम की चिंता किए बिना कर्म करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की चुनौतियों में गीता मनुष्य को संतुलन और शांति सिखाती है। अपने सत्र में उन्होने कृष्ण एवं अर्जुन के संवाद के माध्यम से जीवन मूल्य पर प्रकाश डाला एवं कहा कि आज के परिपेक्ष्य में भागवद गीता के प्रत्येक उपदेशों में जीवन की सार्थकता का सम्पूर्ण समावेश है। नारी पोहानी ने अपने उद्बोधन में दृढ़ता के साथ प्रार्थना विषय पर उद्देश्यपूर्ण तरीके से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गीता के उपदेशों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। सत्र के अंत में प्रश्नोत्तर आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं की जिज्ञासाओं का सार्थक रूप से समाधान किया गया।
कार्यक्रम में जीव सेवा संस्थान के सचिव महेश दयारमानी, संत हिरदाराम महाविद्यालय समूह संस्थाओं के मैनेजिंग डायरेक्टर हीरो ज्ञानचंदानी, संत हिरदाराम इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट के डायरेक्टर डॉ. आशीष ठाकुर, संत हिरदाराम गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. डालिमा पारवानी, संत हिरदाराम कॉलेज ऑफ़ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस के प्रिंसिपल डॉ. अंकेश सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे। छात्राओं ने एवं शिक्षक गणों ने इस प्रकार के प्रेरणादायक सत्र को अपने व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे सत्र आयोजित करने की बात कही। सत्र का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. चित्रा दारानी ने किया।




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