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संत हिरदाराम नगर :- हिंदी के रंग, सृजन के संग: विद्यार्थियों ने रची कला और संस्कृति की अनूठी छटा.....
मिठी गोबिंदराम पब्लिक स्कूल, हिंदी विभाग एवं सद्भावना समिति के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा एवं भाषा-कौशल को मंच प्रदान करने हेतु विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह गतिविधियांँ अगस्त माह के अंत में पूर्ण कराई गई थी।जिसका प्रदर्शन इस प्रदर्शनी में किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपनी सृजनात्मकता, कल्पनाशीलता तथा हिंदी भाषा के प्रति अपनी अभिरुचि को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रदर्शनी में मटकी सज्जा, गणेश प्रतिमा निर्माण एवं सज्जा, रचनात्मक लेखन, भाषा आधारित गतिविधियाँ सहित विभिन्न आकर्षक प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं।पीटीएम के अवसर पर विद्यालय में परामर्श डेस्क की व्यवस्था की गई, जहाँ विद्यालय के परामर्शदाताओं द्वारा विद्यार्थियों को आगामी अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं से संबंधित चिंता एवं तनाव जैसी समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया।परामर्शदाताओं ने विद्यार्थियों की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा तनावमुक्त होकर तैयारी करने के लिए आवश्यक सहयोग एवं परामर्श दिया। हिंदी-विभाग अध्यक्षा निशा थापा एवं सद्भावना समिति अध्यक्षा कामिनी सोनी तथा सदस्य साथियों
के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों एवं गतिविधि-आधारित प्रस्तुतियों ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया।कार्यक्रम का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति प्रेम एवं सम्मान की भावना विकसित करना, रचनात्मक लेखन एवं अभिव्यक्ति-कौशल को प्रोत्साहित करना तथा भाषा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उसे कला, संस्कृति और सृजनात्मक गतिविधियों से जोड़ना रहा। साथ ही गणेश-प्रतिमा निर्माण एवं मटकी सज्जा गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना तथा प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सामग्री के माध्यम से सृजनात्मकता को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर संस्था सचिव घनश्याम बूलचंदानी ने अपने अभिमत में कहा कि विद्यालय में शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, संस्कार, संस्कृति और अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित यह प्रदर्शनी इसी समग्र शिक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्या महोदया रेखा केवलानी ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भावनात्मक अभिव्यक्ति की सशक्त भाषा है। विद्यार्थियों को हिंदी का प्रयोग आत्मविश्वास एवं गौरव के साथ करते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निरंतर विकसित करना चाहिए। उप-प्राचार्या महोदया दिव्या कृपलानी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के भाषा-कौशल के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, कल्पनाशीलता और टीम भावना को भी विकसित करती हैं। उन्होंने अभिभावकों से विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिरुचियों को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रदर्शनी ने हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति एवं विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हुए सभी को प्रभावित किया।



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