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भोपाल :- कांफ्रेंस में देश के जाने-माने योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के विशेषज्ञ ने अपना वक्तव्य दिया।
राजधानी भोपाल के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय मे केंद्रित राष्ट्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कॉन्फ्रेंस "निरामया _प्रकृति के साथ स्वस्थ भारत" इस विषय पर केंद्रित राष्ट्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कॉन्फ्रेंस 2026 भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय स्थितज्ञान विज्ञान भवन में को आरोग्य भारती एवं संत हृदय राम मेडिकल कॉलेज भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में सुबह 8:00 बजे से आयोजित की गई। इस कांफ्रेंस में देश के जाने-माने योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के विशेषज्ञ ने अपना वक्तव्य दिया।कार्यक्रम क उद्घाटन अवसर पर विशेष रूप से आयुष विभाग के अपर सचिव संजय मिश्रा,बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ. सुरेश कुमार जैन जी, योग विभाग की प्रमुख डॉक्टर साधना दौनेरिया, राष्ट्रीय संगठन सचिव आरोग्य भारती से डॉ.अशोक वार्ष्णेय, और संत हिरदाराम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अंकेश सिंह भदौरिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर सचिव संजय मिश्रा ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सालय सृष्टि के उद्धव के साथ जन्मी चिकित्सा पद्धति है वास्तव में आज पूरी दुनिया को प्राकृतिक चिकित्सा की ही आवश्यकता है और मध्य प्रदेश शासन इसके लिए विशेष प्रयास कर रहा है यह सबसे सस्ती आसान और सुविधाजनक चिकित्सा पद्धति है हम इसे गरीबों की चिकित्सा पद्धति भी कह सकते हैं जैसे हर आय वर्ग के लोग आसानी से ले सकते हैं इस अवसर पर डॉ. अशोक वार्ष्णेय जी ने कहा कि आज सारी बीमारियों की जगह अनियमित दिनचर्या और जीवन शैली है प्राकृतिक चिकित्सा हमें अच्छी जीवन शैली के साथ रोग मुक्त जीवन जीना सिखाती है कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर स्वागत भाषण डॉ. साधना दौनेरिया ने दिया। डॉ. अंकेश सिंह भदोरिया ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के महामहिम माननीय राज्यपाल मंगू भाई पटेल विशेष रूप से पधारे उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा केवल बीमारियों के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक समग्र जीवन दर्शन है। इसमें जल, वायु, सूर्य, मिट्टी और संतुलित आहार के माध्यम से शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह पद्धति आज की जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं जैसे तनाव, प्रदूषण और गलत खानपान का सरल, सुरक्षित और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करती है विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञ के रूप में डॉ. एकलव्य बोहरा (राजस्थान) ने रसोई के नुस्खे जो कि सरल शक्तिशाली स्वास्थ्य पर कैसे बीमारियों के लाभदायक हैं एवं साथ ही साथ किस तरह से हमारा आहार ही हमारी तकलीफों को दूर करने के सहायक हो सकता उस पर वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ अपना अनुभव साझा किया। डॉ. हिमांशु शर्मा एन आई एन (पुणे) ने एक स्वस्थ भारत का निर्माण: पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ एकीकृत कैसे किया जा सकता है इस पर अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. राघवेंद्र राव (बैंगलोर) ने आधुनिक विश्व में समग्र स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति को देखते कैंसर जैसी बीमारियों से कैंसर जैसी बीमारी को किस तरह प्रतिबंधित और ठीक किया जा सकता है और डॉ. विवेक भारतीय रायपुर (छत्तीसगढ़) ने योग से लेकर ज़ुम्बा तक: सार्वजनिक स्वास्थ्य में इस बदलाव का विकास पर अपने विचार व्यक्त किए।और विषय विशेषज्ञ के रूप में अपनी बात रखी।साथ ही साथ इस कार्यक्रम में राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, लखनऊ, जबलपुर, ऋषिकेश एवं नाशिक प्रतिभागी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे पोस्टर बनाना, योग फॉर्मेशन, नृत्य और वीडियो के द्वारा योग के वैज्ञानिक प्रमाण को दर्शाया गया। आयोजित किए गए कार्यक्रम में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।


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