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संत हिरदाराम नगर :- मिठी गोबिंदराम पब्लिक स्कूल में नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ विशेष प्रार्थना सभा के साथ....
मिठी गोबिंदराम पब्लिक स्कूल में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रथम दिवस पर विद्यालय के प्रार्थना सभा प्रांगण में एक विशेष प्रार्थना सभा का गरिमामय आयोजन किया गया। सभा के संचालन का समस्त दायित्व विद्यालय के शिक्षकों द्वारा कुशलतापूर्वक निभाया गया।प्रार्थना सभा का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से हुआ। इस अवसर पर शहीद हेमू कलानी एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं प्रखर समाजसेवी श्रद्धेय सिद्ध भाऊ जी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही उन्नति का सर्वोत्तम मार्ग है। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए स्वस्थ जीवनशैली को प्राथमिकता बताते हुए भोजन में अंकुरित अनाज को शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और जागरूक विद्यार्थी ही समाज की उन्नति के सशक्त आधार बनते हैं। साथ ही उन्होंने समय प्रबंधन के महत्व पर बल देते हुए विद्यार्थियों को नियमित टाइम टेबल बनाकर अध्ययन करने की प्रेरणा दी।विद्यालय के प्राचार्य ए. एन. मणिकंडन ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन और शिक्षा दोनों अनिवार्य हैं। उन्होंने विद्यालयीन शिक्षा के दो महत्वपूर्ण आयामों, शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सह-शैक्षणिक शिक्षा भी मुख्यधारा का अभिन्न अंग है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में निहित छिपी प्रतिभाओं को निखारने और सँवारने का अवसर मिलता है। विद्यालय के टाइम टेबल में इन गतिविधियों को विशेष स्थान प्रदान किया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव जागरूक, गतिशील एवं अनुशासित रहकर अध्ययन करने की प्रेरणा दी। विद्यालय की उप-प्राचार्य दिव्या कृपलानी ने विद्यार्थियों को नवीन सत्र के लिए शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि वे शिक्षा के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर नवीन कीर्तिमान स्थापित करेंगे।प्रार्थना सभा की विशेष प्रस्तुतियों में शिक्षकों ने सुविचार प्रस्तुत किया तथा दो समूह गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे वातावरण प्रेरणामय और उत्साहपूर्ण हो उठा।इसी श्रृंखला में विद्यालय के काउंसलर पीयूष तुरकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कोड ऑफ कंडक्ट के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी के मन में समानता, उदारता और करुणा के भाव होना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही अनुशासन ही वह आधारशिला है, जो विद्यार्थियों को सतत प्रगति और उन्नति के पथ पर अग्रसर करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी नवीन सत्र में अनुशासित एवं संयमित रहकर उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करेंगे।प्रार्थना सभा का प्रभावी संचालन शिक्षिका श्रीमती निर्मला तिवारी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के कक्षा पहली से बारहवीं तक के समस्त छात्र एवं शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।नवीन सत्र के प्रथम दिवस पर आयोजित यह विशेष प्रार्थना सभा विद्यार्थियों के लिए अनुशासन, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का उज्ज्वल संदेश लेकर आई, जिसने पूरे विद्यालय परिसर को उत्साह और नवचेतना से भर दिया।



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