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भोपाल :- श्रीमद्भागवत कथा षष्ठम दिवस मे भागवत हमें बोलने से अधिक कर्म में विश्वास करना सिखाती है – जितेंद्र डागा
रुक्मिणी-कृष्ण विवाह की मनोहारी झांकी ने मोहा श्रद्धालुओं का मन – कुलदीप खरे भोपाल। विजय नगर, लालघाटी स्थित महामृत्युंजय मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के षष्ठम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी के मंगल विवाह की आकर्षक एवं मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। विवाह उत्सव के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए तथा पुष्प वर्षा कर दिव्य आयोजन का आनंद लिया।कथा के दौरान विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक विषयों पर भी वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।भाजपा स्वागत समिति के प्रमुख कुलदीप खरे ने कहा कि हमें सदैव अपने धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी हिंदू भले ही अलग-अलग जातियों एवं समुदायों से जुड़े हों, लेकिन हमारा धर्म केवल एक है—सनातन धर्म। हुजूर विधानसभा के पूर्व विधायक जितेंद्र डागा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा हमें कर्मप्रधान जीवन का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि केवल बातें करने से नहीं, बल्कि अपने आचरण एवं कार्यों से समाज और धर्म की सेवा करनी चाहिए। भागवत हमें बोलने से अधिक कर्म में विश्वास करना सिखाती है।आयोजक आनंद सबधाणी ने सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी का सम्मान किया तथा अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी और सिंधी दोनों भाषाएं भारतीय संस्कृति और परंपरा की वाहक हैं तथा समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।इस अवसर पर हीरो हिंदू ने कथावाचिका साध्वी मंजरी प्रिया जी का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। कथा व्यास साध्वी मंजरी प्रिया जी ने भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं मनोरम वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।संस्था के कोषाध्यक्ष हरचंद ग्वालानी ने जानकारी देते हुए बताया कि कथा में हीरो हिंदू, मनजीत यादव, प्रताप, खानचंद, पहलाज, दुर्गा, तोलाराम, डॉ. माधव, अर्जुन वाधवानी, परी, जैस्मिन, जमना, ज्योति, जया, रेनू, दीपिका सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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